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मुंबई से गया फ्लाइट: डायरेक्ट है या नहीं? सबसे तेज़ रास्ता

मुंबई से गया डायरेक्ट फ्लाइट है या नहीं? गया एयरपोर्ट की असली उड़ानें, पटना होकर सबसे तेज़ रास्ता, खर्च की तुलना और बुकिंग की 7 ज़रूरी बातें।

मुंबई से गया फ्लाइट: डायरेक्ट है या नहीं? सच्चाई और सबसे तेज़ रास्ता

अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026 • पितृपक्ष 2026 की यात्रा के लिए तैयार की गई गाइड

सीधा जवाब

नहीं, मुंबई से गया के लिए कोई डायरेक्ट फ्लाइट नहीं है

गया एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानें सिर्फ दिल्ली और कोलकाता के लिए चलती हैं। मुंबई के लिए कोई सीधी उड़ान नहीं है।

मुंबई से गया पहुँचने का सबसे तेज़ और सबसे कम खर्चीला तरीका है: मुंबई से पटना की डायरेक्ट फ्लाइट (लगभग 2.5 घंटे), फिर पटना से गया कैब (लगभग 3 घंटे)। कुल मिलाकर घर से गया तक लगभग 7 से 8 घंटे।

बुकिंग साइटों पर "Mumbai to Gaya direct flight" खोजने पर कई बार भ्रम पैदा करने वाले नतीजे दिखते हैं। कहीं लिखा होता है कि सीधी उड़ान ढाई घंटे की है, तो कहीं सारी उड़ानें कनेक्टिंग बताई जाती हैं। इस लेख में हम आपको असली तस्वीर दिखाएँगे, तीनों संभावित रास्तों की तुलना करेंगे, और बताएँगे कि पिंडदान की तिथि पर समय से पहुँचने के लिए कौन-सा रास्ता चुनें।

गया एयरपोर्ट का सच: यह ज़्यादातर विदेशी यात्रियों के लिए है

गया में अपना अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (कोड GAY) ज़रूर है, लेकिन इसका ढाँचा बहुत अलग है। यह एयरपोर्ट मुख्य रूप से मौसमी है और मुख्यतः थाईलैंड, भूटान और म्यांमार से आने वाले बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए चलता है। यही कारण है कि यहाँ बैंकॉक, पारो, यंगून और नोम पेन्ह की उड़ानें तो दिखती हैं, लेकिन भारत के भीतर की उड़ानें बहुत कम हैं।

गया एयरपोर्ट की घरेलू उड़ानेंएयरलाइन
दिल्लीएयर इंडिया, इंडिगो
कोलकाताइंडिगो
मुंबईकोई सीधी उड़ान नहीं

कुछ और काम की बातें: गया एयरपोर्ट शहर से करीब 12 किलोमीटर और बोधगया से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर है। यहाँ एक साथ पाँच A320 विमान खड़े हो सकते हैं और टर्मिनल में 250 आने और 250 जाने वाले यात्रियों की क्षमता है। बीते वित्त वर्ष में यहाँ करीब 3.57 लाख यात्रियों ने सफर किया, जो 8.6% की बढ़ोतरी है। यानी एयरपोर्ट बढ़ रहा है, पर मुंबई जैसी बड़ी घरेलू लाइन अभी नहीं जुड़ी है।

बुकिंग साइटों का जाल: कई ट्रैवल वेबसाइटें अपने पेज पर "direct flight takes 2h 30m" जैसा टेक्स्ट दिखा देती हैं, जो असल में उनका पुराना या ऑटोमैटिक बना हुआ कंटेंट होता है। असली तस्वीर देखने के लिए बुकिंग करते समय "Non-stop" या "Direct" फ़िल्टर लगाइए। अगर मुंबई–गया पर कोई नतीजा नहीं आता, तो इसका मतलब साफ है कि उस दिन सीधी उड़ान है ही नहीं।

मुंबई से गया पहुँचने के 3 रास्ते

★ सबसे अच्छा विकल्प

1. मुंबई → पटना फ्लाइट + पटना → गया कैब

कुल समय: 7–8 घंटेउड़ानें: रोज़ाना कईभरोसा: सबसे ज़्यादा

मुंबई से पटना के लिए इंडिगो, एयर इंडिया, अकासा और स्पाइसजेट, सभी की सीधी उड़ानें हैं। उड़ान लगभग 2 घंटे 20 मिनट से 2 घंटे 45 मिनट की होती है। पटना उतरकर 105–115 किमी की सड़क यात्रा में करीब 3 घंटे लगते हैं।

विकल्प 2

2. मुंबई → दिल्ली या कोलकाता → गया फ्लाइट

कुल समय: 6–10 घंटेउड़ानें: सीमितखर्च: सबसे ज़्यादा

दो उड़ानें लेकर सीधे गया एयरपोर्ट पर उतर सकते हैं, जो बोधगया से सिर्फ 5 किमी है। लेकिन कनेक्शन का समय ठीक न बैठे तो 10 घंटे से ज़्यादा लग जाते हैं, और किराया अक्सर सबसे ऊँचा रहता है।

विकल्प 3

3. मुंबई → वाराणसी फ्लाइट + सड़क

कुल समय: 8–9 घंटेसड़क: लगभग 250 किमी

अगर काशी में भी तर्पण या दर्शन की योजना है, तो यह रास्ता ठीक बैठता है। वरना पटना वाला रास्ता सस्ता और छोटा पड़ता है।

विकल्प 4

4. सीधी ट्रेन (बजट विकल्प)

समय: 28–33 घंटेकिराया: ₹650 से

समय ज़्यादा है, पर खर्च सबसे कम। पूरी जानकारी: मुंबई से गया ट्रेन 12322, 22357, 18610

सबसे अच्छा रास्ता विस्तार से: मुंबई → पटना → गया

पिंडदान के लिए जाने वाले ज़्यादातर मुंबईकर यही रास्ता चुनते हैं, क्योंकि इसमें दो उड़ानों का झंझट नहीं होता और उड़ानें दिनभर उपलब्ध रहती हैं।

सुबह 6:00 – घर से निकलेंमुंबई एयरपोर्ट के लिए, घरेलू उड़ान से कम से कम 2 घंटे पहले।
सुबह 8:30 – मुंबई से उड़ानपटना के लिए सीधी फ्लाइट, लगभग 2 घंटे 30 मिनट।
सुबह 11:00 – पटना लैंडिंगसामान लेकर बाहर आने में 20–30 मिनट। पहले से बुक कैब टर्मिनल के बाहर तैयार मिलती है।
दोपहर 11:30 – गया के लिए सड़क यात्रामसौढ़ी और जहानाबाद होते हुए लगभग 3 घंटे।
दोपहर 2:30 – गया पहुँच गएहोटल या धर्मशाला में सामान रखकर शाम को फल्गु तट और विष्णुपद दर्शन संभव।

अगर आपकी फ्लाइट सुबह की है, तो उसी दिन शाम को दर्शन हो जाते हैं और अगली सुबह पिंडदान की विधि आराम से शुरू हो सकती है। देर शाम की फ्लाइट लेने पर रात में लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती है, इसलिए सुबह या दोपहर की उड़ान ही चुनें। पटना से गया के सभी रास्तों की जानकारी यहाँ है: पटना एयरपोर्ट से गया कैसे जाएं

पटना एयरपोर्ट पर उतरते ही गाड़ी तैयार मिलेगी

फ्लाइट ट्रैकिंग के साथ पिकअप • तय किराया • गया और बोधगया दर्शन पैकेज

कैब बुक करें

कॉल: +91 78811 55800  |  WhatsApp करें

मुंबई से पटना की उड़ानें: क्या-क्या विकल्प हैं

मुंबई और पटना के बीच रोज़ाना कई सीधी उड़ानें चलती हैं, और यही इस रूट की सबसे बड़ी ताकत है। इंडिगो, एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइनें इस रूट पर सेवा देती हैं, इसलिए सुबह से लेकर शाम तक विकल्प मिल जाते हैं।

  • उड़ान का समय: लगभग 2 घंटे 20 मिनट से 2 घंटे 45 मिनट
  • सबसे उपयोगी उड़ानें: सुबह 6 से 9 बजे के बीच वाली, क्योंकि दोपहर तक आप गया पहुँच जाते हैं
  • बचने लायक: रात 8 बजे के बाद पटना पहुँचाने वाली उड़ानें, क्योंकि फिर रात में 3 घंटे की सड़क यात्रा करनी पड़ती है

पटना का जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट शहर के बीच में है, इसलिए बाहर निकलते ही सड़क यात्रा शुरू हो जाती है। यहाँ टर्मिनल नया और बड़ा है, लेकिन पितृपक्ष और त्योहारों के दिनों में भीड़ काफी रहती है। इसलिए उड़ान से कम से कम दो घंटे पहले पहुँचने की आदत बनाए रखें।

एक व्यावहारिक सलाह: फ्लाइट कई बार लेट होती है। इसलिए ड्राइवर को अपना फ्लाइट नंबर पहले ही भेज दें। जो कैब सर्विस फ्लाइट ट्रैक करती है, वह देरी होने पर भी इंतज़ार करती है और अतिरिक्त पैसे नहीं माँगती। यही बात बुकिंग के समय साफ पूछ लें।

खर्च की तुलना: 4 लोगों का परिवार, एक तरफ

नीचे दिया गया हिसाब अनुमानित है और सीज़न के हिसाब से बदलता है। पितृपक्ष और त्योहारों में हवाई किराया सामान्य से काफी ऊपर चला जाता है।

रास्ताहवाई किराया (4 लोग)सड़क/अन्य खर्चकुल अनुमानकुल समय
मुंबई → पटना + कैब₹20,000 – ₹36,000₹2,800 – ₹3,800 (पूरी गाड़ी)₹23,000 – ₹40,0007–8 घंटे
मुंबई → दिल्ली/कोलकाता → गया₹28,000 – ₹50,000₹600 – ₹1,200 (एयरपोर्ट से शहर)₹29,000 – ₹51,0006–10 घंटे
मुंबई → वाराणसी + कैब₹20,000 – ₹34,000₹6,000 – ₹8,000 (250 किमी)₹26,000 – ₹42,0008–9 घंटे
सीधी ट्रेन (स्लीपर)₹2,600 – ₹3,200₹2,600 – ₹3,20028–33 घंटे
बचत की तरकीब: कैब का खर्च गाड़ी के हिसाब से लगता है, यात्री के हिसाब से नहीं। इसलिए जितने ज़्यादा लोग होंगे, प्रति व्यक्ति खर्च उतना ही घटेगा। 6 लोगों के परिवार में पटना से गया की कैब प्रति व्यक्ति सिर्फ ₹500 के आसपास पड़ती है, जबकि अलग-अलग टिकट लेने पर इससे ज़्यादा खर्च और परेशानी दोनों होती है।

फ्लाइट बुक करने से पहले ये 7 बातें देख लें

  1. "Non-stop" फ़िल्टर ज़रूर लगाएँ। मुंबई–गया पर यह फ़िल्टर खाली आएगा, जिससे आपको तुरंत पता चल जाएगा कि सीधी उड़ान नहीं है।
  2. मुंबई–पटना की तुलना करें। पटना के लिए चार-पाँच एयरलाइनें चलती हैं, इसलिए किराए में अच्छा-खासा अंतर मिल जाता है।
  3. सुबह की उड़ान चुनें। इससे उसी दिन गया पहुँचकर दर्शन हो जाते हैं और अगले दिन पिंडदान आराम से होता है।
  4. कनेक्टिंग फ्लाइट में कम से कम 2 घंटे का गैप रखें। दिल्ली या कोलकाता में एक घंटे का कनेक्शन जोखिम भरा है, क्योंकि गया की उड़ानें दिन में कम होती हैं। छूट गई तो अगली उड़ान अगले दिन ही मिलेगी।
  5. दोनों टिकट एक ही बुकिंग में लें, अगर कनेक्टिंग जा रहे हैं। अलग-अलग टिकट पर पहली उड़ान लेट होने पर एयरलाइन कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेती।
  6. सामान की सीमा देखें। घरेलू उड़ानों में आम तौर पर 15 किलो चेक-इन और 7 किलो हैंड बैगेज मिलता है। पूजा सामग्री और भारी सामान साथ हो तो अतिरिक्त बैगेज पहले से खरीद लेना सस्ता पड़ता है।
  7. वापसी की तारीख सोच-समझकर रखें। श्राद्ध के दिन के बाद कम से कम एक दिन का बफर रखें, क्योंकि मेले में विधि पूरी होने में समय लग सकता है।

पितृपक्ष में हवाई किराया कैसे कम रखें

  • जल्दी बुक करें। पितृपक्ष की तारीखें पहले से तय होती हैं, इसलिए महीने-दो महीने पहले बुकिंग सबसे सस्ती पड़ती है।
  • मंगलवार और बुधवार देखें। सप्ताहांत की उड़ानें आम तौर पर महँगी रहती हैं।
  • आने-जाने का टिकट एक साथ लें, इससे कई बार कुल किराया कम बैठता है।
  • पटना के साथ-साथ वाराणसी और रांची का किराया भी देख लें। कभी-कभी इनमें भारी अंतर मिल जाता है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ एयरलाइनों में विशेष छूट या सुविधाएँ मिलती हैं, बुकिंग के समय जाँच लें।

अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट से सीधे गया एयरपोर्ट उतर रहे हैं

गया एयरपोर्ट छोटा है, इसलिए यहाँ से बाहर निकलना आसान है। लेकिन ध्यान रखें कि यह शहर से 12 किमी दूर है और पितृपक्ष में टैक्सी की माँग बहुत रहती है। पहले से कैब बुक न हो तो इंतज़ार करना पड़ सकता है।

  • एयरपोर्ट से विष्णुपद मंदिर: लगभग 12–15 किमी, 30–40 मिनट
  • एयरपोर्ट से बोधगया महाबोधि मंदिर: लगभग 5 किमी, 15 मिनट
  • एयरपोर्ट से गया जंक्शन: लगभग 12 किमी
ध्यान दें: गया की उड़ानें मौसम और सीज़न के हिसाब से बदलती रहती हैं। सर्दियों में बौद्ध तीर्थयात्रा का सीज़न होने से उड़ानें बढ़ जाती हैं और बाकी महीनों में घट जाती हैं। इसलिए अपनी तारीख डालकर ही उपलब्धता जाँचें, किसी पुराने शेड्यूल पर भरोसा न करें।

वापसी की यात्रा: यह गलती सबसे ज़्यादा होती है

लोग आने की योजना तो ठीक बना लेते हैं, पर लौटने में उलझ जाते हैं। पिंडदान की विधि में अक्सर सोचे हुए समय से ज़्यादा लगता है, और मेले के दिनों में गया से पटना की सड़क पर जाम भी मिलता है।

  • वापसी की फ्लाइट शाम की रखें, ताकि सुबह गया से निकलकर आराम से पटना पहुँचा जा सके।
  • गया से पटना के लिए 4 घंटे का समय जोड़कर चलें, भले ही सामान्य दिनों में 3 घंटे लगते हों।
  • श्राद्ध के अगले दिन की फ्लाइट लें, उसी दिन की नहीं। एक दिन का बफर पूरी यात्रा को तनावमुक्त कर देता है।
  • वापसी की कैब भी साथ ही बुक कर लें। लौटते समय गाड़ी ढूंढना ज़्यादा महँगा और मुश्किल पड़ता है।

तो आख़िर आपके लिए क्या सही है?

  • परिवार के साथ, तिथि तय है: मुंबई से पटना फ्लाइट और आगे कैब। सबसे भरोसेमंद और समय के पाबंद।
  • बोधगया भी घूमना है और बजट ठीक है: दिल्ली या कोलकाता होते हुए सीधे गया एयरपोर्ट।
  • बजट सबसे बड़ी चिंता है: ट्रेन, जिसमें 28 से 33 घंटे लगेंगे।
  • काशी भी जाना है: वाराणसी की फ्लाइट और आगे सड़क मार्ग।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मुंबई से गया के लिए डायरेक्ट फ्लाइट है?

नहीं। गया एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानें फिलहाल सिर्फ दिल्ली और कोलकाता के लिए हैं। मुंबई से जाने के लिए या तो कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी होगी, या पटना तक सीधी उड़ान लेकर आगे सड़क मार्ग से जाना होगा।

मुंबई से गया पहुँचने में कितना समय लगता है?

पटना होकर जाने पर लगभग 7 से 8 घंटे, जिसमें एयरपोर्ट का समय भी शामिल है। कनेक्टिंग फ्लाइट से 6 से 10 घंटे, और ट्रेन से 28 से 33 घंटे लगते हैं।

मुंबई से गया का हवाई किराया कितना है?

कनेक्टिंग उड़ानों का किराया आम तौर पर प्रति व्यक्ति ₹7,000 से शुरू होकर सीज़न में इससे काफी ऊपर चला जाता है। मुंबई–पटना की सीधी उड़ान अक्सर इससे सस्ती पड़ती है। सही किराया अपनी तारीख डालकर ही देखें।

गया एयरपोर्ट शहर से कितनी दूर है?

गया एयरपोर्ट शहर से करीब 12 किलोमीटर और बोधगया से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर है।

पटना और गया, किस एयरपोर्ट पर उतरना बेहतर है?

मुंबई से आने वालों के लिए पटना बेहतर है, क्योंकि वहाँ उड़ानें ज़्यादा हैं, किराया कम रहता है और सीधी फ्लाइट मिलती है। गया एयरपोर्ट तभी चुनें जब दिल्ली या कोलकाता होते हुए अच्छा कनेक्शन मिल रहा हो।

क्या पूजा सामग्री फ्लाइट में ले जा सकते हैं?

सूखी सामग्री चेक-इन बैग में ले जाई जा सकती है। नुकीली चीज़ें और तरल पदार्थ हैंड बैगेज में नहीं रखें। ज़्यादातर सामग्री गया में ही आसानी से मिल जाती है, इसलिए साथ ले जाने की ज़रूरत कम पड़ती है।

निष्कर्ष

मुंबई से गया के लिए सीधी फ्लाइट नहीं है, और यही इस सवाल का साफ जवाब है। अगर कोई वेबसाइट आपको डायरेक्ट फ्लाइट दिखा रही है, तो बुकिंग से पहले "Non-stop" फ़िल्टर लगाकर खुद जाँच लें।

पिंडदान की तिथि पर समय से पहुँचने का सबसे व्यावहारिक तरीका यही है कि मुंबई से पटना की सुबह वाली सीधी उड़ान लें और आगे पहले से बुक की गई कैब से गया पहुँचें। इससे न कनेक्शन छूटने का डर रहता है, न स्टेशन-एयरपोर्ट पर गाड़ी खोजने की परेशानी।

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अस्वीकरण: उड़ानों का शेड्यूल और किराया एयरलाइनें कभी भी बदल सकती हैं। बुकिंग से पहले एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि अवश्य करें।

Aarav Mishra
Aarav Mishra Verified Author
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Ayodhya-based travel writer and Ministry of Tourism (India) certified guide. 12+ years guiding pilgrims across the Ayodhya–Varanasi–Prayagraj Holy Triangle. Every guide is fact-checked against current temple timings and local transport before publishing.

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