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गया पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन 2026: पूरी लिस्ट, तारीख और शेड्यूल

गया के लिए पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन 2026 कहाँ से चल रही है? 01661, 01662, 01701 का शेड्यूल, ठहराव, कोच और बुकिंग की पूरी जानकारी एक जगह देखें।

एक नज़र में
  • अब तक घोषित: पश्चिम मध्य रेल की 12 स्पेशल सेवाएँ (रानी कमलापति–गया और जबलपुर–गया)
  • रानी कमलापति (भोपाल) से गया: ट्रेन 01661, 27 सितंबर, 2 और 7 अक्टूबर
  • गया से रानी कमलापति: ट्रेन 01662, 30 सितंबर, 5 और 10 अक्टूबर
  • जबलपुर से गया: ट्रेन 01701, गया से जबलपुर: 01702
  • कोच: 2 AC-2, 4 AC-3, 12 स्लीपर और 4 जनरल, कुल लगभग 22–24 कोच
  • बुकिंग शुरू हो चुकी है, इसलिए देर न करें

गया पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन 2026: अब तक घोषित सेवाएँ

पितृपक्ष 2026 के लिए भारतीय रेलवे ने मध्य प्रदेश से गया के बीच 12 स्पेशल ट्रेन सेवाएँ चलाने की घोषणा की है। ये सेवाएँ पश्चिम मध्य रेल (WCR) चला रहा है और ये दो रूटों पर हैं: रानी कमलापति–गया और जबलपुर–गया। दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे लगेंगे। इन ट्रेनों में AC, स्लीपर और जनरल, तीनों श्रेणी के कोच रहेंगे।

ट्रेन नंबररूटचलने की तारीखेंप्रस्थानआगमन
01661रानी कमलापति → गया27 सितंबर, 2 अक्टूबर, 7 अक्टूबरदोपहर 3:20 बजेअगले दिन दोपहर 2:30 बजे
01662गया → रानी कमलापति30 सितंबर, 5 अक्टूबर, 10 अक्टूबरदोपहर 3:30 बजेअगले दिन शाम 4:15 बजे
01701जबलपुर → गया29 सितंबर, 4 अक्टूबर, 9 अक्टूबर*समय के लिए नीचे देखें*अगले दिन दोपहर 2:30 बजे
01702गया → जबलपुर28 सितंबर, 3 अक्टूबर, 8 अक्टूबरदोपहर 3:30 बजे*अगले दिन सुबह 8:10 बजे
* ईमानदार चेतावनी: जबलपुर वाली ट्रेन (01701/01702) के प्रस्थान समय को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। कहीं जबलपुर से रात 9:25 बजे बताया गया है, तो कहीं दोपहर का समय। गया से वापसी का समय भी कहीं दोपहर 3:30 और कहीं शाम 6:55 बजे बताया गया है। टिकट बुक करने से पहले IRCTC या NTES पर ट्रेन नंबर 01701/01702 डालकर असली समय ज़रूर जाँच लें। बाकी साइटें यह बात नहीं बतातीं, इसलिए हम बता रहे हैं।

रानी कमलापति (भोपाल)–गया पितृपक्ष स्पेशल: पूरा शेड्यूल

भोपाल के पास स्थित रानी कमलापति स्टेशन से चलने वाली यह ट्रेन मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए सबसे उपयोगी है। ट्रेन नंबर 01661 रानी कमलापति से 27 सितंबर, 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:30 बजे गया पहुँचेगी।

वापसी में ट्रेन नंबर 01662 गया से 30 सितंबर, 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे चलेगी और अगले दिन शाम 4:15 बजे रानी कमलापति पहुँचेगी। ध्यान दें कि 10 अक्टूबर सर्वपितृ अमावस्या का दिन है, यानी पिंडदान पूरा करके उसी दिन लौटने वालों के लिए यह आखिरी फेरा बहुत काम का है।

ठहराव वाले मुख्य स्टेशन

यह ट्रेन रास्ते में नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड पर रुकेगी। यानी सिर्फ भोपाल ही नहीं, इटारसी, कटनी, सतना, प्रयागराज, मिर्जापुर और कैमूर के यात्री भी इसी ट्रेन से गया पहुँच सकते हैं।

कोच की जानकारी

इस ट्रेन में कुल 24 कोच लगाए जा रहे हैं: 2 AC टू-टियर, 4 AC थ्री-टियर, 12 स्लीपर, 4 जनरल और 2 लगेज-कम-ब्रेकवैन। स्लीपर कोच ज़्यादा होने से परिवार के साथ चलने वालों को सीट मिलने की संभावना अच्छी है।

जबलपुर–गया पितृपक्ष स्पेशल: पूरा शेड्यूल

ट्रेन नंबर 01701 जबलपुर से 29 सितंबर, 4 अक्टूबर और 9 अक्टूबर 2026 को चलकर अगले दिन दोपहर करीब 2:30 बजे गया पहुँचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 01702 गया से 28 सितंबर, 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर को रवाना होकर अगले दिन सुबह 8:10 बजे जबलपुर पहुँचेगी।

यह ट्रेन सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड पर रुकेगी। भभुआ रोड का ठहराव खास तौर पर कैमूर के यात्रियों के लिए रखा गया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार पितृपक्ष में नियमित ट्रेनों पर भारी दबाव रहता है, इसी वजह से ये अतिरिक्त सेवाएँ शुरू की गई हैं। आरक्षण पहले ही शुरू हो चुका है और अधिकारियों ने यात्रियों से जल्द टिकट बुक करने की अपील की है।

राजस्थान और अन्य रूट से गया स्पेशल ट्रेन

कुछ रिपोर्टों में सोगरिया (कोटा) से भी गया के लिए स्पेशल ट्रेन चलने की जानकारी दी गई है, जिससे राजस्थान के यात्रियों को फायदा होगा। हालाँकि इन खबरों में दी गई तारीखें सितंबर के पहले पखवाड़े की हैं, जो पितृपक्ष की मौजूदा अवधि से मेल नहीं खातीं। इसलिए राजस्थान के यात्री बुकिंग से पहले IRCTC पर अपनी तारीख डालकर उपलब्धता ज़रूर जाँच लें।

दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, रांची या बेंगलुरु से फिलहाल किसी अलग पितृपक्ष स्पेशल की पुष्टि नहीं हुई है। रेलवे त्योहारों और मेलों के समय माँग देखकर नई ट्रेनें जोड़ता रहता है, इसलिए घोषणा कभी भी हो सकती है। हम इस पेज को हर नई घोषणा के साथ अपडेट करते रहेंगे, इसलिए इसे बुकमार्क कर लें।

अपने शहर से गया के लिए स्पेशल ट्रेन खुद कैसे चेक करें

यह तरीका सीख लेंगे तो किसी भी खबर का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। स्पेशल ट्रेनों के नंबर 0 से शुरू होते हैं, जैसे 01661 या 01701। इन्हें ढूंढने के तीन आसान तरीके हैं:

  1. IRCTC या रेल कनेक्ट ऐप: "From" में अपना स्टेशन और "To" में GAYA (गया जंक्शन) डालें, अपनी तारीख चुनें और सर्च करें। स्पेशल ट्रेनें भी इसी लिस्ट में दिखेंगी।
  2. NTES ऐप या वेबसाइट: यहाँ "Trains between Stations" में तारीख डालकर देखें। इसमें ट्रेन का असली समय और चलने के दिन दिखते हैं।
  3. 139 पर कॉल या SMS: फोन से भी ट्रेन और सीट की जानकारी ली जा सकती है।
काम की बात: अगर सीधे अपने शहर से गया के लिए कुछ न मिले, तो गया की जगह डेहरी-ऑन-सोन, सासाराम, अनुग्रह नारायण रोड, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) या पटना डालकर सर्च करें। इन स्टेशनों तक पहुँचकर सड़क मार्ग से गया आसानी से पहुँचा जा सकता है। ज़्यादातर लोग यह तरीका नहीं जानते, और यहीं कन्फर्म सीट मिल जाती है।

नियमित ट्रेनों से गया कैसे पहुँचें

गया जंक्शन दिल्ली–हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर है, इसलिए यहाँ देश के लगभग हर बड़े शहर से ट्रेनें आती हैं। नई दिल्ली के लिए महाबोधि एक्सप्रेस (12397/12398) जैसी सीधी ट्रेनें चलती हैं, और कई राजधानी व मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें भी गया में रुकती हैं।

पटना से गया

पटना से गया के बीच रोज़ाना कई ट्रेनें हैं। रेल दूरी करीब 92 किलोमीटर है और तेज़ ट्रेनों से यह सफर लगभग डेढ़ घंटे में पूरा होता है। फ्लाइट से आने वाले ज़्यादातर यात्री पटना उतरकर यही रास्ता चुनते हैं। पूरी जानकारी हमारे लेख पटना एयरपोर्ट से गया कैसे जाएं: कैब, ट्रेन, बस और किराया में दी गई है।

दूसरे शहरों से

वाराणसी और प्रयागराज की तरफ से आने वाले यात्री पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन होकर गया आ सकते हैं। कोलकाता और आसनसोल की ओर से आने वालों के लिए गया मुख्य लाइन पर ही पड़ता है। रांची से जनशताब्दी और वंदे भारत जैसी ट्रेनें गया होकर गुज़रती हैं। अपनी तारीख पर कौन-सी ट्रेन में सीट है, यह IRCTC पर ही देखना सबसे सही रहेगा, क्योंकि पितृपक्ष में उपलब्धता रोज़ बदलती है।

वेटिंग टिकट है या सीट नहीं मिल रही? ये 6 रास्ते आज़माएँ

  1. स्पेशल ट्रेन में देखें: नियमित ट्रेनों में वेटिंग होने पर भी स्पेशल ट्रेनों (01661, 01701 आदि) में अक्सर सीट मिल जाती है, क्योंकि लोगों को इनकी जानकारी देर से मिलती है।
  2. पास के स्टेशन तक टिकट लें: सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन, अनुग्रह नारायण रोड या पटना तक कन्फर्म टिकट लेकर आगे सड़क मार्ग से गया पहुँचें।
  3. तत्काल का सहारा: यात्रा से एक दिन पहले खुलने वाले तत्काल कोटे में सुबह ठीक समय पर कोशिश करें।
  4. चार्ट बनने के बाद करंट बुकिंग: चार्ट तैयार होने के बाद खाली सीटें करंट बुकिंग में आ जाती हैं। छोटी दूरी के लिए यह बहुत काम आता है।
  5. क्लास बदलकर देखें: स्लीपर में वेटिंग हो तो AC-3 या AC-2 में जगह हो सकती है, और उल्टा भी।
  6. फ्लाइट और कैब का मेल: पटना तक फ्लाइट लेकर वहाँ से कैब से गया पहुँचना सबसे भरोसेमंद विकल्प है, खासकर जब परिवार के साथ हों और तारीख तय हो।

ट्रेन में सीट नहीं मिली? गया तक कैब बुक कर लें

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गया जंक्शन पहुँचने के बाद: क्या तैयारी रखें

पितृपक्ष मेला 2026 में गया जंक्शन पर भारी भीड़ रहेगी। मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा और इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुँचेंगे। स्टेशन से बाहर निकलते ही ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी मिल जाती हैं, लेकिन भीड़ के समय किराया और इंतज़ार, दोनों बढ़ जाते हैं।

  • दूरी: गया जंक्शन से विष्णुपद मंदिर करीब 3 से 4 किलोमीटर है। सामान्य दिनों में 15 मिनट लगते हैं, मेले में इससे ज़्यादा।
  • ठहरने का इंतज़ाम पहले करें: बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने श्रद्धालुओं के लिए करीब 2,500 बेड वाली टेंट सिटी तैयार कराई है। होटल और धर्मशाला भी पहले से बुक कर लें।
  • सरकारी ऐप का इस्तेमाल करें: ज़िला प्रशासन ने "पिंडदान गयाजी" मोबाइल ऐप और वेबसाइट शुरू की है, जहाँ पिंडदान से जुड़ी जानकारी एक जगह मिलती है।
  • भाषा की मदद: इस बार पहली बार अलग-अलग राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए उनकी भाषा में "मे आई हेल्प यू" डेस्क की सुविधा दी जा रही है।
  • लोकल आवागमन: प्रेतशिला और रामशिला जैसी वेदियाँ शहर से कुछ दूर हैं। बुज़ुर्गों के साथ हों तो पूरे दिन के लिए लोकल कैब रखना सबसे आसान रहता है।

ट्रेन यात्रा के लिए ज़रूरी सामान

  • सभी यात्रियों का मूल पहचान पत्र और टिकट का प्रिंट या PNR
  • पानी, हल्का सात्विक नाश्ता और ज़रूरी दवाइयाँ
  • मोबाइल, पावर बैंक और थोड़ी नकदी, क्योंकि भीड़ में नेटवर्क धीमा हो जाता है
  • पिंडदान के कपड़े, गमछा और चप्पल अलग बैग में
  • सामान पर नाम-पता लिखा टैग, क्योंकि भीड़ में बैग बदलने की घटनाएँ आम हैं

पितृपक्ष 2026 की तिथियाँ याद रखें

ट्रेन बुक करने से पहले यह तय करें कि आपके पूर्वज का श्राद्ध किस तिथि को है। पितृपक्ष 2026 26 सितंबर (पूर्णिमा श्राद्ध) से 10 अक्टूबर (सर्वपितृ अमावस्या) तक है। श्राद्ध की तारीख के हिसाब से ही आने और लौटने की ट्रेन चुनें, ताकि गया में एक दिन का समय तैयारी के लिए मिल जाए। पूरी तिथि सूची के लिए पढ़ें: पितृपक्ष 2026 की पूरी तिथि लिस्ट

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

गया के लिए पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन कहाँ-कहाँ से चल रही है?

अब तक मध्य प्रदेश के रानी कमलापति (भोपाल) और जबलपुर से गया के लिए कुल 12 स्पेशल सेवाएँ घोषित हुई हैं। ये ट्रेनें इटारसी, कटनी, सतना, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, डीडीयू, भभुआ रोड, सासाराम और डेहरी-ऑन-सोन जैसे स्टेशनों पर भी रुकती हैं।

रानी कमलापति से गया स्पेशल ट्रेन किस तारीख को चलेगी?

ट्रेन नंबर 01661 रानी कमलापति से 27 सितंबर, 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3:20 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 2:30 बजे गया पहुँचेगी।

गया से वापसी की स्पेशल ट्रेन कब है?

ट्रेन नंबर 01662 गया से 30 सितंबर, 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे रानी कमलापति के लिए चलेगी। जबलपुर के लिए ट्रेन नंबर 01702 गया से 28 सितंबर, 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर को चलेगी।

स्पेशल ट्रेन में कौन-कौन से कोच हैं?

इन ट्रेनों में 2 AC टू-टियर, 4 AC थ्री-टियर, 12 स्लीपर और 4 जनरल कोच रहते हैं, यानी कुल लगभग 22 से 24 कोच।

स्पेशल ट्रेन का किराया सामान्य ट्रेन से ज़्यादा होता है क्या?

कई स्पेशल ट्रेनें "स्पेशल फेयर" श्रेणी में चलती हैं, जिनमें किराया नियमित ट्रेन से थोड़ा अधिक हो सकता है। सही किराया बुकिंग के समय IRCTC पर दिख जाता है।

दिल्ली या कोलकाता से गया के लिए पितृपक्ष स्पेशल है क्या?

फिलहाल इनकी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन गया दिल्ली–हावड़ा मुख्य लाइन पर है, इसलिए दोनों शहरों से नियमित ट्रेनें उपलब्ध हैं। नई घोषणा होते ही हम इस पेज को अपडेट करेंगे।

स्पेशल ट्रेन में टिकट कैसे बुक करें?

IRCTC की वेबसाइट या रेल कनेक्ट ऐप पर ट्रेन नंबर या स्टेशन डालकर सामान्य ट्रेनों की तरह ही बुकिंग होती है। जनरल कोच का टिकट UTS ऐप या स्टेशन काउंटर से लिया जा सकता है।

निष्कर्ष

गया पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन 2026 फिलहाल रानी कमलापति और जबलपुर से चल रही हैं, और इनके ठहराव मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई स्टेशनों पर हैं। अगर आपका शहर इस रूट पर नहीं है, तो सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन या पटना तक कन्फर्म टिकट लेकर आगे का सफर सड़क से पूरा करना सबसे व्यावहारिक तरीका है।

पितृपक्ष में हर दिन वेटिंग बढ़ती जाती है, इसलिए तारीख तय होते ही टिकट और गया में ठहरने की बुकिंग कर लें। रेलवे की घोषणाएँ बदलती रहती हैं, इसलिए यात्रा से पहले NTES या IRCTC पर ताज़ा समय ज़रूर देख लें।

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अस्वीकरण: ऊपर दी गई ट्रेन जानकारी रेलवे की घोषणाओं पर आधारित प्रकाशित रिपोर्टों से ली गई है। ट्रेनों का समय, तारीख और ठहराव रेलवे कभी भी बदल सकता है। यात्रा से पहले NTES, IRCTC या 139 से पुष्टि अवश्य करें।

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